हैदराबाद : हैदराबाद के बालकमपेट क्षेत्र में स्थित येलम्मा देवी मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में है। इसकी वजह है रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी की श्रद्धा और उदारता। नीता अंबानी ने हाल ही में मंदिर में दर्शन किए और ‘नित्य अन्न दान योजना’ के तहत 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस सहायता से मंदिर में आने वाले हजारों भक्तों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

देवी येल्लम्मा: शक्ति की सजीव प्रतिमा
बालकमपेट येल्लम्मा मंदिर देवी येल्लम्मा को समर्पित है, जिन्हें शक्ति का स्वरूप और रेणुका देवी का अवतार माना जाता है। देवी रेणुका, भगवान परशुराम की माता थीं और उन्हें दक्षिण भारत में विशेष श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। भक्तों का विश्वास है कि देवी येल्लम्मा दुखों का नाश करती हैं, दरिद्रता मिटाती हैं और रोगों से मुक्ति दिलाती हैं।

मंदिर का इतिहास और विशेषता
यह मंदिर सदियों पुराना है और इसे स्वयंभू देवी स्थल माना जाता है। मान्यता है कि देवी की मूर्ति जमीन से प्रकट हुई थी। मंदिर की एक खास बात यह है कि देवी की मूर्ति जमीन के नीचे स्थित है, इसलिए भक्तों को उनके दर्शन के लिए सीढ़ियों से नीचे उतरना होता है। यह अद्वितीय वास्तुकला मंदिर की पवित्रता और दिव्यता को और बढ़ा देती है।

मंदिर से जुड़ी मान्यताएं
- रोग निवारण: त्वचा और अन्य बीमारियों से राहत के लिए लोग यहां पूजा करने आते हैं।
- मनोकामना पूर्ति: विवाह, संतान प्राप्ति, नौकरी और कारोबार में सफलता जैसी इच्छाओं के लिए लोग यहां मन्नत मांगते हैं।
- नवरात्रि और बोनम उत्सव: चैत्र व शारदीय नवरात्रि में विशेष अनुष्ठान और बोनम त्योहार के दौरान मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में बोनम (विशेष पकवान) अर्पित करती हैं।
- येल्लम्मा जयंती: आषाढ़ और श्रावण मास में देवी की जयंती धूमधाम से मनाई जाती है।

नीता अंबानी की भक्ति और सामाजिक पहल
नीता अंबानी का यह योगदान न केवल एक धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि समाज सेवा की भावना को भी दर्शाता है। यह पहल दिखाती है कि कैसे परोपकार और श्रद्धा का मेल समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
