रायपुर। रायपुर में एक दिल दहला देने वाला सूटकेस हत्याकांड सामने आया है, जिसका पुलिस ने तेजी से पर्दाफाश कर लिया है। यह खौफनाक वारदात 21 जून को हुई थी, जब एक किशोर की हत्या उसके इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित फ्लैट में की गई। हत्या के बाद मृतक की लाश 48 घंटे तक वहीं पड़ी रही, और बाद में आरोपी दंपती ने उसे झाड़ियों में पेटी सहित फेंक दिया।
पूरी घटना की शुरूआत एक प्रॉपर्टी विवाद से हुई थी। मृतक किशोर और आरोपी अंकित एक-दूसरे को 2018 से जानते थे। किशोर ने अंकित की मदद से तिल्दा के मढ़ी गांव में 30 लाख रुपये की जमीन बेची थी, जिसमें अंकित को 20 लाख रुपये कमीशन मिला। बाद में किशोर के पास अन्य विवादित जमीनों के पैसे की मांग को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ा। अंकित ने कोर्ट कचहरी के नाम पर 10 लाख रुपये भी लिए लेकिन जमीनें नहीं बिकीं, जिससे किशोर पैसे वापस मांगने लगा।

हालांकि किशोर की शारीरिक स्थिति भी कमजोर थी क्योंकि उसे कुछ समय पहले साइकिल दुर्घटना में चोट लगी थी। अकेले रहने वाले किशोर ने अंकित से मदद मांगी और अंकित नियमित रूप से उसकी देखभाल करता था। किशोर भी मनपसंद खाना मंगवाता और अंकित को मिनरल वाटर लाने कहता था। लेकिन लगातार दबाव और आर्थिक परेशानी के कारण अंकित ने हत्या की योजना बनाई।
अंकित ने अपने अपराध की बात पत्नी शिवानी को बताई, जिसने शुरुआत में मना किया, लेकिन बाद में वह भी इस हत्या की साजिश में शामिल हो गई। दोनों ने इंद्रप्रस्थ फेस-2 में किराए का फ्लैट लिया और 19 जून को वहां शिफ्ट हुए।

21 जून को अंकित ने किशोर को नहलाने के बहाने फ्लैट पर बुलाया। बाद में पोहा खिलाकर नींद आने पर अंकित ने गला दबाकर हत्या कर दी। इस दौरान शिवानी ने मृतक का पैर पकड़ा था जिससे विरोध नहीं कर पाया। हत्या के बाद अंकित ने चाकू से वार भी किए।
हत्या के बाद लाश को सूटकेस में रखने की कोशिश की गई, लेकिन खून फैलने के कारण सूटकेस गंदा हो गया। इसके बाद दोनों ने लाश को बांधकर सीमेंट से भरे पेटी में रखा, जिससे बदबू कम हो। भारी पेटी को दो परिचित युवकों, विनय यदु और सूर्यकांत यदु की मदद से लिफ्ट से नीचे उतार कर कार में रखा गया और फिर झाड़ियों में फेंक दिया गया।
पुलिस ने घटना का पता चलने के बाद आरोपी दंपती समेत दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है और पुलिस जल्द ही सीन रीक्रिएशन कर मामले की तह तक जाएगी। वहीं, आरोपी दंपती फरार होने की कोशिश में दिल्ली भागने की योजना बना रहे थे, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।
यह हत्याकांड रायपुर की अपराध पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी साबित हुआ है, जिसने कड़ी मेहनत और जांच के बाद इस जटिल मामले का समाधान किया है।