PM Modi Israel Visit: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय इजरायल दौरे के दूसरे दिन होलोकॉस्ट स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया और कई महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इजरायल की धरती पर दोबारा आना उनके लिए गर्व और भावनात्मक क्षण है। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के संबंध गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित हैं, जो समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
संबंधों को मिला ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत और इजरायल ने अपनी साझेदारी को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने के लिए बीटीए समझौता हुआ था और अब मुक्त व्यापार समझौते को भी जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तकनीक दोनों देशों के सहयोग का प्रमुख आधार है और नवाचार के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया है।
इजरायल में यूपीआई के उपयोग पर सहमति
प्रधानमंत्री ने बताया कि इजरायल में यूपीआई के इस्तेमाल को लेकर समझौता हुआ है। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत और इजरायल के बीच दशकों से भरोसेमंद सहयोग रहा है। हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन से रक्षा तकनीक के हस्तांतरण और संयुक्त उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। दोनों देश रक्षा निर्माण और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश
जेरूसलम से स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं और आगे भी मजबूती से साथ खड़े रहेंगे।
कृषि और नवाचार में बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री ने बताया कि इजरायल के सहयोग से भारत में स्थापित सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की संख्या को बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ की अवधारणा पर भी काम किया जा रहा है, जिससे इजरायली कृषि तकनीक भारत के गांवों तक पहुंचेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
