Nitish Kumar Rajya Sabha : पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल 2026 को दिल्ली स्थित संसद भवन में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। इस घटनाक्रम के बाद उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं और राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
जेडीयू विधायक दल की अहम बैठक संभावित
सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे से पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) विधायक दल की बैठक हो सकती है, जिसमें नए नेता के नाम पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि आगामी 15 अप्रैल तक बिहार में नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
चारों सदनों के सदस्य बनने वाले नेताओं में शामिल
राज्यसभा सांसद बनने के साथ ही नीतीश कुमार उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है। इससे पहले यह उपलब्धि लालू प्रसाद यादव, उपेंद्र कुशवाहा, नागमणि और सुशील कुमार मोदी जैसे नेताओं के नाम रही है।
राजनीतिक बयानबाजी और RJD का हमला
इस घटनाक्रम पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक रणनीति और सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हुए केंद्र और राज्य की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि यह घटनाक्रम बिहार की राजनीतिक दिशा में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
बिहार की राजनीति में नए समीकरण
नीतीश कुमार के इस कदम के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पद पर कौन बैठेगा, इसको लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
