भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित एमपी कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बैठक के बाद जानकारी दी कि अब तक प्रदेश के किसानों के खाते में 10 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके अलावा, कई अन्य अहम फैसले भी लिए गए हैं, जिनमें टेलीकॉम सेक्टर, टाइगर रिजर्व, और गेहूं उपार्जन शामिल हैं।
मुख्य फैसले:
- टेलीकॉम सेक्टर में 1200 करोड़ रुपये का निवेश:
राज्य सरकार ने ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन बनाने के लिए केंद्र सरकार को अपनी सहमति भेजी है। इस योजना के तहत 1200 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे 5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। - टाइगर रिजर्व में फेंसिंग की व्यवस्था:
डिप्टी सीएम ने जानकारी दी कि टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बाघों और इंसानों के बीच मुठभेड़ों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए, बफर जोन में विकास कार्य किए जाएंगे, जिसमें 145 करोड़ रुपये की लागत से फेंसिंग का काम किया जाएगा। पिछले चार वर्षों में 9 टाइगर रिजर्व से जुड़े बफर जोन में बाघों की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है। - गेहूं उपार्जन का लक्ष्य पूरा होगा:
50 लाख मीट्रिक टन गेहूं अब तक उत्पादन किया गया है, और 5 मई तक 60 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। किसानों को 2,425 रुपये प्रति क्विंटल की समर्थन मूल्य के साथ 175 रुपये बोनस भी दिया जा रहा है। अब तक किसानों के खातों में 10,562 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। - राजकीय शोक की घोषणा:
राज्य सरकार ने पोप फ्रांसिस के निधन पर राजकीय शोक की घोषणा की है। इस अवसर पर 22-23 अप्रैल को कोई मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।
इन फैसलों से न केवल प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और किसानों की मदद के लिए भी बड़े कदम उठाए गए हैं।