जबलपुर। जबलपुर एयरपोर्ट से उड़ान भरने या लैंड करने वाले यात्रियों को अब विमान की खिड़की से बाहर का नजारा देखने की अनुमति नहीं होगी। डीजीसीए (DGCA) ने सुरक्षा कारणों से निर्देश जारी किए हैं कि टेक ऑफ और लैंडिंग के समय फ्लाइट्स की विंडो बंद रखी जाएंगी। यह नियम जब तक विमान 10 हजार फीट की ऊंचाई पर न पहुंच जाए, तब तक लागू रहेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
जबलपुर को देश के संवेदनशील एयरपोर्ट्स में गिना जाता है। शहर में सेना की कई अहम इकाइयां मौजूद हैं जैसे- आर्मी छावनी, व्हीकल फैक्ट्री, गन कैरेज फैक्ट्री और ऑर्डनेंस फैक्ट्री। इन संस्थानों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि कोई भी फोटो या वीडियो लीक न हो सके।
DGCA ने क्या कहा?
DGCA ने एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जबलपुर समेत कुछ अन्य संवेदनशील एयरपोर्ट्स पर SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करें। इसमें क्रू मेंबर्स की जिम्मेदारी तय की गई है कि यात्रियों को नियमों का पालन करवाया जाए। टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान यात्रियों द्वारा फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी की मनाही होगी।
किन एयरपोर्ट्स पर लागू हुआ नियम?
यह नियम जबलपुर के साथ-साथ जैसलमेर, अमृतसर, जम्मू और श्रीनगर जैसे चार और हवाई अड्डों पर पहले से लागू है। यदि कोई यात्री इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।