अमेरिका से अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को चार्टर्ड विमान से भेजा गया वापस, अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विमान
अमृतसर: अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों को चार्टर्ड विमान के जरिए भारत वापस भेज दिया गया है। यह विशेष विमान हाल ही में अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ, जिसमें कई भारतीय प्रवासी नागरिक शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इन भारतीयों के पास अमेरिका में रहने के वैध दस्तावेज नहीं थे, जिसके चलते उन्हें निर्वासित किया गया।
अमेरिका में सख्त हुई अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई
अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, यह अभियान अमेरिका में अवैध प्रवास पर नियंत्रण पाने के लिए चलाए जा रहे सख्त उपायों का हिस्सा है। विभाग ने कहा कि वित्त वर्ष 2024 में 145 से अधिक देशों के 1,60,000 से अधिक अवैध प्रवासियों को उनके मूल देशों में वापस भेजा गया है। भारत भी इस सूची में शामिल है।
भारत सरकार का सहयोग, परिजनों में चिंता
भारत सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ सहयोग कर इन प्रवासियों की वापसी को संभव बनाया। हालांकि, अमेरिका में रहने वाले हजारों भारतीयों के परिवारों में इस घटना के बाद चिंता की लहर दौड़ गई है। उनके परिजन अब अन्य भारतीय प्रवासियों की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
कितने भारतीयों को भेजा गया वापस?
फिलहाल, अमेरिकी प्रशासन ने भारत लौटाए गए नागरिकों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, अकेले इस वर्ष हजारों भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया गया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
आव्रजन मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने अवैध प्रवासियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, और आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में और वृद्धि हो सकती है।
भारत में लौटे प्रवासियों के लिए आगे क्या?
भारत लौटने के बाद, ये नागरिक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे और सरकार से आवश्यक मदद प्राप्त कर सकते हैं।
अमेरिका में रह रहे अन्य भारतीयों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि जो भारतीय अमेरिका में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अन्यथा, उन्हें भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
अमेरिका द्वारा अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई से संकेत मिलता है कि अब बिना कानूनी दस्तावेजों के अमेरिका में रहना मुश्किल होता जा रहा है। भारत सरकार इस मामले पर अमेरिका से लगातार संवाद कर रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी अपडेट मिल सकते हैं।