जम्मू-कश्मीर। किश्तवाड़ जिले के चशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने की घटना से भारी तबाही हुई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इस आपदा में 15 लोगों की मौत हो गई है और इलाके में बाढ़ के कारण हालात गंभीर हैं। प्रशासन, सेना, पुलिस और राहतकर्मी प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य
किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने बताया कि चशोती इलाके में अचानक बाढ़ आ गई, जो मचैल माता यात्रा का शुरुआती बिंदु भी है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की। उन्होंने सिविल प्रशासन, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को प्रभावित लोगों की मदद और राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
मौसम अलर्ट
श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 4-6 घंटों में जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और तूफानी हवाओं की संभावना जताई है। कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा, श्रीनगर, गंदेरबल, बडगाम, पुंछ, राजौरी, रियासी, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़ और काजीगुंड-बनिहाल-रामबन क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका है। नागरिकों को ढीली संरचनाओं, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने वुलर झील, डल झील और अन्य जलाशयों में नौकायन और अन्य गतिविधियों को स्थगित करने की सलाह दी है।
मचैल माता तीर्थयात्रा प्रभावित
बादल फटने की यह घटना मचैल माता तीर्थयात्रा के दौरान हुई, जिसमें जम्मू संभाग से हजारों श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं। चशोती वह अंतिम बिंदु है जहां तीर्थयात्री अपने वाहन पार्क कर 2,800 मीटर ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर तक पैदल यात्रा शुरू करते हैं। यह यात्रा 25 जुलाई से चल रही थी और 5 सितंबर को समाप्त होने वाली है।