छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान ईडी ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद मामला दो हफ्तों के लिए टाल दिया गया।
याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को बताया कि जेल में चैतन्य को साफ पीने का पानी नहीं मिल रहा है, जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
गिरफ्तारी और मामला
ईडी ने 18 जुलाई को भिलाई-3 स्थित बघेल निवास से चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर ही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी है, जिसमें पहले ही पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, रायपुर के पूर्व मेयर ऐजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, रिटायर्ड IAS अनिल टूटेजा और पूर्व आबकारी MD एपी त्रिपाठी पर कार्रवाई हो चुकी है।
शराब घोटाले का दायरा
EOW के अनुसार, 2018 से 2023 के बीच करीब 3200 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। आरोप है कि घोटाले की रकम से आरोपी अधिकारियों ने रिश्तेदारों के नाम करोड़ों की जमीन और संपत्ति खरीदी। शुरुआती जांच में 2174 करोड़ का घोटाला सामने आया था, लेकिन चार्जशीट में यह आंकड़ा 3200 करोड़ से ज्यादा पाया गया।