गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है, जिसमें अब तक 16 जिलों के 5.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के बुलेटिन के मुताबिक, गुरुवार को दो और लोगों की मौत के बाद इस साल बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 21 हो गई है।
57 राजस्व क्षेत्र और 1,406 गांव डूबे
ASDMA ने बताया कि 16 जिलों के 57 राजस्व क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे 1,406 गांव प्रभावित हुए हैं। करीब 41,000 से ज्यादा लोगों को 175 राहत शिविरों में शरण दी गई है, जबकि 210 राहत केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।
ब्रह्मपुत्र घाटी में जलस्तर घटा, बराक घाटी में हालात चिंताजनक
ब्रह्मपुत्र घाटी में जलस्तर में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन बराक घाटी, खासकर श्रीभूमि जिले में हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के मुताबिक, धुबरी में ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है, जबकि डिब्रूगढ़ से गुवाहाटी तक जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य 70% जलमग्न
मोरीगांव जिले में स्थित पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य का लगभग 70% हिस्सा जलमग्न हो गया है, जिससे गैंडे और अन्य वन्य जीव ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। वन विभाग ने वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि शिकारी स्थिति का फायदा न उठा सकें।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा करेंगे दौरा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा स्थिति का जायजा लेने के लिए इस सप्ताह दूसरी बार बराक घाटी का दौरा करेंगे। गुवाहाटी क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 18 जिलों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
शहरी बाढ़ से भी लोग परेशान
बुलेटिन के मुताबिक, दो जिलों में 3,348 लोग शहरी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा है।
बाढ़ के प्रकोप के बीच राज्य प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।