नई दिल्ली/ दूर-दराज के अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भारतीय कृषि उत्पादों की पहुंच के प्रयासों को एक नई उड़ान मिली है। पहली बार भारतीय अनार की “भगवा” किस्म की एक वाणिज्यिक समुद्री खेप अमेरिका के न्यूयॉर्क बंदरगाह पर सफलतापूर्वक पहुंची। यह खेप भारत के ताजे फलों के निर्यात में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
करीब 14 टन वजन के 4,620 बक्सों में भरे गए इन अनारों ने मार्च के दूसरे सप्ताह में अमेरिका के पूर्वी तट पर दस्तक दी। ग्राहक भारतीय अनारों की उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाद से इतने प्रभावित हुए कि न्यूयॉर्क में खेप का जोरदार स्वागत किया गया।
हवाई मार्ग से समुद्री मालवाहन की ओर बढ़ता कदम
परंपरागत रूप से अनार का निर्यात हवाई मार्ग से होता रहा है, लेकिन हाल के हफ्तों में भारत ने लागत प्रभावी और वहनीय समुद्री मार्ग को अपनाया है। फरवरी 2024 में भारत ने पहली बार आईएफसी, वाशी (नवी मुंबई) से 12.6 टन अनार की समुद्री खेप अमेरिका के लिए भेजी थी। इस प्रक्रिया में आईसीएआर-राष्ट्रीय अनार अनुसंधान केंद्र, सोलापुर और एपीडा (APEDA) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एपीडा की पहल और ‘पहले से ही अनापत्ति’ कार्यक्रम की सफलता
यूएसडीए (USDA) द्वारा दिसंबर 2024 में “पहले से ही अनापत्ति” (Pre-Clearance) कार्यक्रम की सुविधा मिलने के बाद से भारतीय निर्यातकों की राह आसान हुई है। इसके तहत एपीडा ने अमेरिकी निरीक्षकों को पहले ही आमंत्रित कर निर्यात खेप की समय पर और निर्बाध निकासी सुनिश्चित की।
एपीडा अध्यक्ष श्री अभिषेक देव ने कहा,
“भारत सरकार ताजे फलों के वैश्विक निर्यात को लेकर प्रतिबद्ध है। अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में भारतीय किसानों को लाभ मिले, इसके लिए हम सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। जिस तरह भारतीय आमों का वार्षिक निर्यात 3,500 टन तक पहुंचा है, हमें विश्वास है कि अनार भी जल्द ही इस स्तर को छूएगा।”
खेप भेजने में के बी एक्सपोर्ट्स की भूमिका
यह खेप मुंबई स्थित निर्यातक के बी एक्सपोर्ट्स द्वारा भेजी गई थी। कंपनी के सीईओ श्री कौशल खाखर ने एपीडा का आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“हम अमेरिका को उच्च गुणवत्ता वाले अनार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भगवा किस्म अपने स्वाद, रंग और पोषण गुणों के कारण अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।”
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं
भारतीय फल निर्यात संघ के एक प्रतिनिधि ने कहा,
“यह खेप साबित करती है कि भारतीय ताजे फल गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं हैं। भविष्य में निर्यात और बढ़ेगा।”
अब उद्योग जगत और एपीडा मिलकर अमेरिकी बाजार में प्रचार अभियान शुरू करने की योजना बना रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को भारतीय अनार की पोषण गुणवत्ता और स्वाद से परिचित कराया जा सके।
भारत में अनार उत्पादन और निर्यात के आंकड़े
भारत बागवानी फसलों में विश्व में दूसरे स्थान पर है। महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और आंध्र प्रदेश इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने 72,011 मीट्रिक टन अनार का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत 69.08 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी।
सिर्फ अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक के बीच निर्यात में 21% की वृद्धि दर्ज की गई है।