अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप के आदेश पर बड़ी चोट: जन्मजात नागरिकता पर रोक को असंवैधानिक घोषित किया
वाशिंगटन – अमेरिकी न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती देते हुए फैसला सुनाया है, जिसमें जन्मजात नागरिकता पर रोक लगाने की व्यवस्था थी। इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन जन्मजात नागरिकता का अधिकार सुनिश्चित करता है और इसे किसी एकीकृत कार्यकारी आदेश द्वारा बदला नहीं जा सकता।
फैसले का प्रमुख बिंदु:
- संविधानिक सुरक्षा: अदालत ने कहा कि संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्मजात नागरिकता का अधिकार एक मूलभूत सिद्धांत है, जिसे बिना संविधान संशोधन के किसी भी प्रशासनिक आदेश द्वारा परिवर्तित नहीं किया जा सकता।
- ट्रंप प्रशासन का आदेश: ट्रंप प्रशासन ने पहले एक ऐसा आदेश जारी किया था, जिसका उद्देश्य अमेरिकी नागरिकता के नियमों में बदलाव करना था। इस आदेश के अनुसार, अमेरिकी नागरिकता केवल निवास और अन्य कानूनी मानदंडों के आधार पर दी जानी चाहिए थी।
- न्यायिक प्रतिक्रिया: अदालत ने इस आदेश को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि अगर नागरिकता संबंधी मौलिक सिद्धांतों में कोई बदलाव करना है तो उसके लिए संसद द्वारा संविधान संशोधन की आवश्यकता होगी।
प्रभाव और आगे की प्रक्रिया:
- इस निर्णय से ट्रंप प्रशासन के द्वारा जन्मजात नागरिकता पर लगाए गए प्रतिबंध को रोक लगा दिया गया है। न्यायालय के इस फैसले ने अमेरिकी नागरिकता नीतियों में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया है।
- राजनीतिक दलों और नागरिक अधिकार समूहों द्वारा इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है, जबकि ट्रंप प्रशासन ने उच्च न्यायालय में अपील करने का संकेत भी दिया है।
- यह निर्णय अमेरिकी न्यायपालिका की संविधानिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा में प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की मजबूती बनी रहेगी।
विश्लेषण: न्यायालय का यह निर्णय न केवल ट्रंप प्रशासन के आदेश पर कड़ा आघात है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि अमेरिकी नागरिकता के नियमों में किसी भी मौलिक परिवर्तन के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संविधान संशोधन अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में नागरिकता से संबंधित किसी भी विवाद में एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु सिद्ध हो सकता है।
इस प्रकार, अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप द्वारा जन्मजात नागरिकता पर लगाए प्रतिबंध को असंवैधानिक घोषित कर दिया है, जिससे अमेरिकी संविधान के मूल सिद्धांतों की पुनः पुष्टि हुई है।