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📍 श्रीनगर | 23 अप्रैल 2025
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की जिम्मेदारी The Resistance Front (TRF) ने ली है। यह वही संगठन है जिसे भारत सरकार ने 2023 में आतंकी संगठन घोषित किया था। TRF दरअसल लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है, जिसे धारा 370 हटाए जाने के बाद बनाया गया था। सवाल ये है कि TRF कौन है, कैसे काम करता है और इससे पहले किन घटनाओं में इसका हाथ रहा है? आइए जानते हैं।
🧨 TRF की शुरुआत कब और क्यों हुई?
- TRF का गठन 2019 में उस वक्त किया गया जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया।
- यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी या फ्रंट ग्रुप है, जिसे एक लोकल और “सेक्युलर” छवि देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाया जाता है।
- TRF शुरू में ऑनलाइन प्रचार और भर्ती अभियान के तौर पर शुरू हुआ, लेकिन बाद में इसे ग्राउंड एक्टिविस्ट नेटवर्क में बदल दिया गया।
🎯 कैसे करता है TRF ऑपरेट?
- TRF के आतंकी फिदायीन नहीं होते, बल्कि ये नए युवाओं को भर्ती कर ‘स्लीपर सेल’ की तरह इस्तेमाल करते हैं।
- यह संगठन सोशल मीडिया पर कश्मीरी युवाओं को भड़काने और धार्मिक नफरत फैलाने के लिए मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन (PsyOps) चलाता है।
- TRF के कैडर अनजान और नए चेहरे होते हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों की निगाह से दूर रहते हैं।
- ये अपने ऑपरेशन को रिकॉर्ड करने के लिए GoPro जैसे बॉडी कैमरा का इस्तेमाल भी करते हैं, ताकि वीडियो बना कर प्रोपेगेंडा फैला सकें।
💥 अब तक TRF के प्रमुख आतंकी हमले
तारीख | स्थान | हमला |
---|---|---|
अप्रैल 2020 | केरन सेक्टर | सेना के 5 जवान शहीद |
30 अक्टूबर 2020 | कुलगाम | BJP कार्यकर्ताओं की हत्या |
26 नवंबर 2020 | श्रीनगर | 2 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट पर हमला |
26 फरवरी 2023 | पुलवामा | कश्मीरी पंडित संजय शर्मा की हत्या |
20 अक्टूबर 2024 | गंदरबल | डॉक्टर और 6 प्रवासी मजदूरों की हत्या |
22 अप्रैल 2025 | पहलगाम | पर्यटकों पर सबसे बड़ा हमला, 27 मौतें |
🔍 क्यों TRF बना सबसे बड़ा आतंकी खतरा?
- TRF “लोकल कश्मीरियों” के नाम पर हिंसा फैलाकर आतंक के एजेंडे को बढ़ाता है।
- यह संगठन अल्पसंख्यकों, पर्यटकों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर घाटी में डर और अशांति का माहौल पैदा करता है।
- TRF के बड़े चेहरे – साजिद जट्ट, सज्जाद गुल, और सलीम रहमानी – लश्कर से जुड़े हैं और पाकिस्तान में बैठे रहकर ऑपरेशन को निर्देशित करते हैं।
🛑 अब आगे क्या?
केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां TRF के नेटवर्क को खत्म करने के लिए ऑपरेशन क्लीन-अप चला रही हैं। वहीं आम लोग भी TRF जैसी आतंकी सोच के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं।
🔗 नोट: TRF के खिलाफ भारत ने संयुक्त राष्ट्र और FATF में भी सबूत पेश किए हैं। अब यह संगठन दुनिया की नजर में भी एक वैश्विक आतंकी खतरा बन चुका है।