अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपनी नई किताब में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हैरिस ने बाइडेन के दोबारा चुनाव लड़ने के फैसले को “लापरवाही” करार दिया और कहा कि यह निर्णय सिर्फ एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षा पर आधारित था।
हैरिस ने आरोप लगाया कि बाइडेन की उम्र ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया। उन्होंने लिखा कि 81 साल की उम्र में उनकी थकान और शारीरिक-मौखिक लड़खड़ाहट साफ झलकने लगी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि व्हाइट हाउस के कुछ सहयोगी उनके खिलाफ हुए हमलों से बाइडेन की रक्षा करने में नाकाम रहे और टीम के कुछ सदस्य उनके सफल होने में रुचि नहीं रखते थे।
अपनी किताब में हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बहस में बाइडेन की पराजय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाइडेन ट्रंप से कहीं अधिक सक्षम और दयालु थे, लेकिन उनकी उम्र और थकान ने बहस में उन्हें कमजोर साबित किया। हैरिस ने लिखा – “यह अक्षमता नहीं थी, बल्कि लगातार यूरोप यात्राओं और हॉलीवुड के फंडरेज़र के बाद की थकान थी।”
कमला हैरिस की यह किताब 23 सितंबर 2025 को प्रकाशित होगी।
अमेरिकी चुनाव 2024 का संदर्भ
शुरुआत में बाइडेन को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन जून 2024 में बहस में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं और दानदाताओं में उनकी उम्र और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई। आखिरकार, 21 जुलाई 2024 को बाइडेन ने चुनावी दौड़ से नाम वापस ले लिया और हैरिस को समर्थन दिया।
हालाँकि, नवंबर 2024 के आम चुनाव में कमला हैरिस को डोनाल्ड ट्रंप से हार का सामना करना पड़ा। वह इलेक्टोरल कॉलेज और लोकप्रिय वोट—दोनों में पिछड़ गईं।
