तेहरान : ईरान के बंदर अब्बास स्थित शाहिद राजाई बंदरगाह पर शनिवार, 26 अप्रैल को एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई और 750 से अधिक लोग घायल हो गए। विस्फोट के कारणों की अभी तक सही जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन प्रारंभिक अटकलें इसे रसायनों से जुड़ी घटना मान रही हैं। यह बंदरगाह ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है और तेल निर्यात में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां से विभिन्न वस्तुओं का आयात और निर्यात किया जाता है, और यह ईरानी अर्थव्यवस्था तथा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी अहम स्थान रखता है।

लापता 6 लोग, अग्निशमन दल संघर्षरत
घटना के बाद ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने बताया कि विस्फोट के बाद छह लोग अब भी लापता हैं। अग्निशमन दल आग पर काबू पाने के प्रयास कर रहा है, लेकिन तेज हवाओं के कारण उन्हें कठिनाई हो रही है। विस्फोट के कारण का पता नहीं चल सका है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि इसमें रासायनिक पदार्थों की भूमिका हो सकती है।

आपातकाल घोषित, नागरिकों को घरों में रहने की सलाह
बंदर अब्बास में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है, जिसके चलते ईरानी अधिकारियों ने आपातकाल घोषित कर दिया है। नागरिकों को घरों में रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेष स्वास्थ्य टीमों को तैनात कर दिया है ताकि घायलों का इलाज उचित तरीके से किया जा सके। विस्फोट के बाद बंदरगाह को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है और समुद्री गतिविधियां रोक दी गई हैं।

रासायनिक और सल्फर क्षेत्र में विस्फोट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बंदरगाह के एक हिस्से में कुछ कंटेनर थे, जिनमें संभवतः रासायनिक पदार्थ थे। विस्फोट का मुख्य कारण तब तक निर्धारित करना मुश्किल होगा जब तक आग पूरी तरह से नहीं बुझा दी जाती। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने घटना के कारणों की गहन जांच के आदेश दिए हैं।
