India–US Trade Deal : नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर अहम संकेत सामने आए हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया है कि दोनों देशों के बीच एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण ट्रेड डील लगभग तैयार हो चुकी है और जल्द ही इस पर औपचारिक मुहर लग सकती है। हालांकि, पूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए अभी और बातचीत की जरूरत होगी।
मीडिया से बातचीत में वाणिज्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अमेरिका जैसी बड़ी और जटिल अर्थव्यवस्था के साथ व्यापक FTA करना एक समय लेने वाली प्रक्रिया है। फिलहाल दोनों देश उन मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंचे हैं, जिन पर मतभेद अपेक्षाकृत कम हैं। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ना दोनों देशों के हित में है और व्यापक समझौते को लेकर बातचीत भविष्य में भी जारी रहेगी।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। देश की विकास दर करीब 7 प्रतिशत के आसपास है और सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 850 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात का लक्ष्य तय किया है। इसी कड़ी में अमेरिका द्वारा भारत के 200 से ज्यादा कृषि और खाद्य उत्पादों को बढ़े हुए आयात शुल्क से छूट देना एक बड़ी राहत माना जा रहा है।
इस फैसले से चाय, कॉफी, मसाले, मेवे और प्रोसेस्ड फूड जैसे उत्पादों के निर्यात को सीधा लाभ मिलेगा। शुल्क में राहत के कारण अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी और सस्ते होंगे, जिससे मांग बढ़ने की संभावना है। इसका सकारात्मक असर किसानों, छोटे उत्पादकों और निर्यातकों की आय पर पड़ेगा।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी यह माना गया है कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने से वैश्विक व्यापार को लेकर बनी अनिश्चितता कम होगी और भारत के बाहरी व्यापार को नई मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, भले ही बड़ी FTA डील में समय लगे, लेकिन यह शुरुआती समझौता दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
