नई दिल्ली। भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो कि पिछले कई अनुमानों से कहीं अधिक है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में यह वृद्धि मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र के बेहतरीन प्रदर्शन के कारण हुई है। इससे पहले आरबीआई और अन्य एजेंसियों ने अनुमान लगाया था कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत से कम रहेगी। हालांकि, भारत ने अपनी जीडीपी के आंकड़ों से सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ कहा था, लेकिन भारत की आर्थिक वृद्धि ने यह साबित कर दिया कि ट्रंप का यह बयान गलत था। भारतीय अर्थव्यवस्था ने पूरी दुनिया के सामने यह उदाहरण पेश किया कि आर्थिक बाधाओं के बावजूद विकास की दिशा में भारत लगातार अग्रसर है।
कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि
भारत की जीडीपी वृद्धि में सबसे अहम योगदान कृषि क्षेत्र का रहा, जिसमें 3.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल यह केवल 1.5 प्रतिशत थी। इसके साथ ही विनिर्माण क्षेत्र में 7.7 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के 7.6 प्रतिशत से थोड़ी अधिक थी।
अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण वृद्धि
खनन क्षेत्र में इस तिमाही में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि मैन्युफैक्चरिंग और बिजली उद्योगों ने 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। तृतीयक क्षेत्र, जिसमें व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, और प्रसारण शामिल हैं, में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 5.4 प्रतिशत थी।
नॉमिनल और रियल जीडीपी में भी वृद्धि
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में रियल जीडीपी या स्थिर मूल्यों पर 47.89 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की पहली तिमाही से 7.8 प्रतिशत अधिक है। वहीं, नॉमिनल जीडीपी या वर्तमान मूल्यों पर 86.05 लाख करोड़ रुपये का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 8.8 प्रतिशत अधिक है।
भारत बनी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था
इस आंकड़े के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। अप्रैल-जून की तिमाही में चीन की जीडीपी वृद्धि दर केवल 5.2 प्रतिशत रही थी, जो भारत के मुकाबले काफी कम है।
ट्रंप के बयान पर भारत का जवाब
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ कहा था, लेकिन भारत ने अपने आर्थिक आंकड़ों से यह साबित कर दिया कि वह विश्व की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारतीय अर्थव्यवस्था ने इस तिमाही में न केवल उच्चतम वृद्धि दर्ज की बल्कि कृषि, विनिर्माण, और सेवा क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण सुधार दिखाया।