International Film Festival: नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में चल रहे पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सिनेमा के भविष्य, नए अवसरों और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने पर जोरदार चर्चा हुई। कार्यक्रम के तीसरे दिन राकेश ओमप्रकाश मेहरा, आशीष विद्यार्थी, बोमन ईरानी और वाणी त्रिपाठी जैसे दिग्गज कलाकारों ने अपने विचार साझा किए।
दिल्ली सिनेमा का नया केंद्र बन सकती है
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि दिल्ली हमेशा से कला और संस्कृति का केंद्र रही है। उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का जिक्र करते हुए कहा कि यहां से देश को कई बेहतरीन कलाकार मिले हैं। मेहरा ने जोर दिया कि ऐसे फिल्म महोत्सव दिल्ली में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं, जिससे उन्हें सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पुरानी यादें ताजा हुईं, नई सोच उभरी
अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने महोत्सव में शामिल होकर खुशी जताई। उन्होंने मंडी हाउस से जुड़े अपने शुरुआती दिनों की यादें ताजा करते हुए कहा कि ऐसे मंच कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन अवसर देते हैं। उन्होंने आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सराहना करते हुए कहा कि इस फिल्म ने सिनेमा में नए आयाम स्थापित किए हैं।
अभिनेत्री और लेखिका वाणी त्रिपाठी ने 70, 80 और 90 के दशक में दिल्ली के फिल्म इंडस्ट्री में दिए गए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि दिल्ली के युवा स्थानीय स्तर पर ही बड़े मौके पाएं।
बोमन ईरानी बोले- नए कलाकारों के लिए बड़ा मंच
दिग्गज अभिनेता बोमन ईरानी ने इस महोत्सव को सिनेमा के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नए लेखकों, निर्देशकों और कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने न सिर्फ सिनेमा प्रेमियों को आकर्षित किया, बल्कि युवा प्रतिभाओं के लिए नई शुरुआत का संकेत भी दिया। कलाकारों का मानना है कि दिल्ली अब सिनेमा का नया हब बन सकती है, जो भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
