आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में लैपटॉप, स्मार्टफोन और टैबलेट हमारे रोजमर्रा के काम और मनोरंजन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन लंबे समय तक स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने से आंखों पर दबाव बढ़ जाता है, जिसे डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम कहा जाता है।
क्या है डिजिटल आई स्ट्रेन
डिजिटल आई स्ट्रेन लंबे समय तक फोन, टीवी या कंप्यूटर स्क्रीन के इस्तेमाल से होने वाली आंखों की समस्या है। इसकी वजह से आंखों में जलन, धुंधलापन, सूखापन और लगातार सिरदर्द हो सकता है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी, गलत दूरी, कम पलक झपकना और खराब रोशनी में काम करना इसके मुख्य कारण हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोजाना 2-3 घंटे से ज्यादा स्क्रीन देखने वाले 50-90% लोग इस समस्या से प्रभावित होते हैं।
डिजिटल आई स्ट्रेन के कारण
- लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने से आंखों की मांसपेशियां थकना
- नीली रोशनी से रेटिना को नुकसान और नींद की साइकिल पर असर
- कम पलक झपकने से आंखों का सूखना और जलन
- गलत बैठने की मुद्रा और स्क्रीन की गलत ऊंचाई या दूरी
बचाव के आसान उपाय
- 20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट में 20 सेकेंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
- स्क्रीन देखते समय पलक झपकने की आदत बढ़ाएं।
- स्क्रीन की ब्राइटनेस कम करें और ब्लू लाइट फिल्टर का इस्तेमाल करें।
- स्क्रीन को आंखों से 20-24 इंच दूर और आंखों के लेवल से 10-15 डिग्री नीचे रखें।
निष्कर्ष
डिजिटल आई स्ट्रेन को नजरअंदाज करना आंखों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है। सही आदतें और थोड़ी सावधानी अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।