बीजिंग। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में 8 साल बाद बड़े फेरबदल का ऐलान हुआ है। 2017 में 3 लाख सैनिकों की छंटनी के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अब भ्रष्टाचार, नकली आंकड़ों और अनुशासनहीनता पर तत्काल अंकुश लगाने के लिए 5 क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है। पीपुल्स डेली के अनुसार, यह फैसला सेना को ‘शक्तिशाली और विश्वसनीय’ बनाने के लिए लिया गया है। हाल के दिनों में सेना के भीतर भ्रष्टाचार के खुलासे से हथियार निर्यात प्रभावित हुआ, जिसका असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ा।
पहला बदलाव: नकली युद्ध का अंत सेना को अब झूठे आंकड़ों से बाजार गर्म करने पर रोक लगाई गई है। पहले PLA नकली युद्ध अभ्यास दिखाकर अपनी ताकत का अतिरंजित प्रचार करती थी। अब जमीन पर वास्तविक प्रदर्शन ही मान्य होगा। यह बदलाव सेना की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए है।
दूसरा: राजनीतिक टिप्पणी पर बैन
सेना के अधिकारी अब राजनीतिक बयानबाजी नहीं कर सकेंगे। ऐसा करना अनुशासन भंग माना जाएगा और तुरंत जांच होगी। यह कदम सेना को राजनीतिकरण से बचाने के लिए उठाया गया है।
तीसरा: अनाधिकृत भोजन और शराब पर पाबंदी
अधिकारियों को अनधिकृत भोज और शराब पीने पर रोक लगाई गई है। कई बार शराब के नशे में गलत निर्णयों से ट्रैप में फंसने की घटनाएं सामने आईं। अब खरीद-फरोख्त पर सख्त निगरानी होगी।
चौथा: वफादारों को प्राथमिकता
नई नियुक्तियां अब कम लागत वाली और स्थायी होंगी। सैलरी, संसाधन और प्रशिक्षण पर हो रहे भारी खर्च को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पांचवां: अधिकारियों की ज्यादती पर अंकुश
मनोरंजन और इमेज मेकिंग पर फिजूलखर्ची बंद। बजट के दायरे में रहना अनिवार्य होगा। यह बदलाव सेना की दक्षता बढ़ाने के लिए है।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, 2024 में चीन के हथियार निर्यात में गिरावट आई, जो भ्रष्टाचार से जुड़ी है। हाल ही में सेना के दूसरे सबसे बड़े अधिकारी को हटाने के बाद यह फैसला आया। जिनपिंग सरकार का संदेश साफ है – सेना को पारदर्शी, अनुशासित और वास्तविक ताकतवर बनाना ही लक्ष्य है।
