ESMA Act : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का प्रभाव अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। गैस की संभावित कमी और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश में आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम लागू कर दिया है। इस कानून के जरिए सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम लोगों को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
ESMA Act : घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश
सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी कई कदम उठाए हैं। इसके अंतर्गत पेट्रोकेमिकल इकाइयों और रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम स्तर तक बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्रोतों को एलपीजी पूल में शामिल करने की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहे।
ESMA Act : क्या है आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम
आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम एक विशेष कानून है, जिसका उद्देश्य जरूरी सेवाओं को हर परिस्थिति में जारी रखना होता है। यह कानून तब लागू किया जाता है जब किसी आवश्यक सेवा के बाधित होने का खतरा हो। इसके तहत सरकार जरूरी सेवाओं को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा सकती है। सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं इस कानून के दायरे में आती हैं।
ESMA Act : रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। इसका मकसद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण संभावित आपूर्ति बाधा से निपटना और देश में घरेलू गैस की उपलब्धता बनाए रखना है।
आंकड़ों के अनुसार भारत में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एलपीजी की कुल खपत लगभग 3 करोड़ 13 लाख टन रही। इसमें से करीब 1 करोड़ 28 लाख टन का उत्पादन देश के भीतर हुआ, जबकि शेष गैस आयात के माध्यम से पूरी की गई।
ESMA Act : होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा दबाव
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। देश का लगभग 85 से 90 प्रतिशत गैस आयात सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से होता है, जो मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इस समुद्री मार्ग के प्रभावित होने की आशंका से तेल और गैस आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है।
ESMA Act : कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर भीड़
गैस की संभावित कमी की खबरों के बाद कई शहरों में उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। महाराष्ट्र के रत्नागिरि और कोल्हापुर जैसे शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर पहुंच रहे हैं।
हालांकि गैस एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि बुकिंग के बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी में 10 से 15 दिनों तक का समय लग रहा है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
