कोंडागांव में 4 जनवरी को पत्रकारों ने युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या के विरोध में एक मौन रैली का आयोजन किया। रैली रेस्ट हाउस से शुरू होकर जय स्तंभ चौक पर समाप्त हुई। इसके बाद एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जहां पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने मुकेश चंद्राकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा।
सभा में कोंडागांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र सोनपिपरे और चंपेश जोशी ने इस घटना को न केवल पत्रकारिता जगत के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी क्षति बताया। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में पत्रकारों को पेश आने वाली कठिनाइयों और खतरों को उजागर करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
एसआईटी जांच और सुरक्षा की मांग
प्रेस क्लब ने राज्य सरकार से इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष जांच कराने के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने की अपील की। साथ ही, दोषियों को फांसी देने और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।
परिवार के साथ एकजुटता
कोंडागांव प्रेस क्लब ने मुकेश चंद्राकर के परिवार के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। पत्रकारों ने राज्य सरकार से उनके परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में पत्रकारिता के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करने का आग्रह किया।
यह विरोध प्रदर्शन पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य और समाज से ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देता है।