रायपुर। बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव शुक्रवार को 7 महीने बाद जेल से रिहा हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को उन्हें जमानत दी थी। वे 17 अगस्त 2024 से जेल में बंद थे।
समर्थकों ने किया भव्य स्वागत
रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर देवेंद्र यादव के समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। रिहाई के बाद वे भिलाई के लिए रवाना हुए, जहां खुर्सीपार में उनके स्वागत के लिए एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बलौदाबाजार हिंसा मामले में जमानत पर रिहा हुए सतनामी समाज और यादव समाज के लोग भी शामिल हुए।
क्या है बलौदाबाजार हिंसा मामला?
10 जून 2024 को छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में सतनामी समाज के लोगों ने जैतखाम तोड़े जाने का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर और एसपी ऑफिस में आगजनी की घटना हुई। इस हिंसा में भीड़ को उकसाने और आंदोलनकारियों का समर्थन करने के आरोप में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर आ गए हैं और समर्थकों के बीच उनका भव्य स्वागत किया गया।