Chandra Grahan : नई दिल्ली। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या उस पर राहु, केतु या शनि का प्रभाव है, तो चंद्र ग्रहण के दिन विशेष उपाय और दान करना बहुत लाभकारी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 3 मार्च 2026 को लगने वाला पहला चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन दान और पूजा-पाठ करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान सही उपाय करने से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि आती है।
चंद्रमा को मन और माता का कारक ग्रह माना जाता है। इसलिए इस दिन किया गया दान मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक सुख को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
सफेद वस्तुओं का दान करें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण के दिन सफेद रंग की वस्तुओं का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। चंद्रमा का संबंध सफेद रंग से होता है, इसलिए इस दिन चावल, चीनी, दूध, दूध से बनी मिठाइयां और सफेद कपड़ों का दान करना लाभकारी माना जाता है। इससे चंद्र दोष कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा तथा समृद्धि बढ़ती है।
अन्न दान करना श्रेष्ठ
हिंदू धर्म में अन्नदान को सबसे बड़ा दान माना गया है। चंद्र ग्रहण के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना या अनाज का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। यह उपाय जीवन में सुख-समृद्धि और संतोष प्रदान करता है।
दीप दान करने का महत्व
चंद्र ग्रहण के दिन पवित्र नदियों में दीपक प्रवाहित करना शुभ माना जाता है। इस दौरान मिट्टी के दीपक का ही उपयोग करना चाहिए। दीप दान करने से जीवन में ज्ञान और सकारात्मकता का प्रकाश फैलता है। साथ ही चंद्र ग्रहण की रात चंद्रमा का स्मरण करते हुए दीपक जलाने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं।
चांदी और मोती का दान करें
चंद्र ग्रहण के समय या उसके बाद चांदी या मोती का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या जिन पर राहु, केतु या शनि का प्रभाव है, उनके लिए यह उपाय बहुत लाभकारी माना जाता है।
मानसिक शांति के लिए करें ये उपाय
चंद्र ग्रहण के दौरान शांत मन से ध्यान और पूजा-पाठ करना चाहिए। इससे मानसिक संतुलन बना रहता है और जीवन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से चंद्र दोष के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
