Assembly Bye-Election Schedule: नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनावों की तिथियों का ऐलान कर दिया है। इन क्षेत्रों में मतदान अप्रैल 2026 में किया जाएगा। इसके अलावा छह राज्यों की आठ खाली हुई विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव कराए जाएंगे। ये सीटें मौजूदा विधायकों के निधन या अन्य कारणों से खाली हुई थीं। चुनाव आयोग ने इन उपचुनावों को दो चरणों में कराने का निर्णय लिया है।
पहले चरण के उपचुनाव: 9 अप्रैल 2026
पहले चरण में 9 अप्रैल को गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की पांच विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। इन सीटों में शामिल हैं:
- पोंडा (गोवा)
- बागलकोट (कर्नाटक)
- दावणगेरे दक्षिण (कर्नाटक)
- कोरिडांग (नागालैंड)
- धर्मनगर (त्रिपुरा)
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच 24 मार्च को होगी और उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च निर्धारित की गई है। इस चरण के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
दूसरे चरण के उपचुनाव: 23 अप्रैल 2026
दूसरे चरण में महाराष्ट्र की राहुरी और बारामती तथा गुजरात की उमरेठ सीट पर मतदान होगा। इसके लिए चुनाव अधिसूचना 30 मार्च को जारी की जाएगी। इस चरण में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को होगी और 9 अप्रैल को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है। इस चरण के नतीजे भी 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
बारामती सीट पर सुनेत्रा पवार की नजर
महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट NCP के पूर्व नेता अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई थी। अब उनकी परिवार की सदस्य सुनेत्रा पवार इस सीट से चुनाव लड़ेंगी। सुनेत्रा पवार NCP विधानमंडल दल की अध्यक्ष भी हैं और उन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। उनका राजनीतिक प्रभाव और पार्टी का समर्थन उन्हें इस चुनाव में मजबूत उम्मीदवार बनाते हैं।
सभी चरणों के चुनाव प्रक्रिया का सार
- पहले चरण: 9 अप्रैल, पोंडा, बागलकोट, दावणगेरे दक्षिण, कोरिडांग, धर्मनगर
- दूसरे चरण: 23 अप्रैल, राहुरी, बारामती, उमरेठ
- परिणाम घोषित: 4 मई 2026
- नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: पहले चरण 23 मार्च, दूसरे चरण 6 अप्रैल
- नामांकन जांच: पहले चरण 24 मार्च, दूसरे चरण 7 अप्रैल
- नामांकन वापसी: पहले चरण 26 मार्च, दूसरे चरण 9 अप्रैल
ये उपचुनाव राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और सभी पार्टियों की नजर बारामती और अन्य महत्वपूर्ण सीटों पर टिकी हुई है।
