Amit Shah In Lok Sabha: नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सल मुक्त भारत पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नक्सली अब हथियार डाल दें, वरना सरकार गोली का जवाब गोली से देगी। शाह ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है और बस्तर जैसे क्षेत्रों में लाल आतंक की परछाई अब खत्म हो रही है।
कांग्रेस पर जमकर निशाना
अमित शाह ने कहा कि देश के 12 राज्य पहले नक्सलवाद से पीड़ित थे। वामपंथी विचारधारा ने इन राज्यों में नक्सलवाद को फैलाया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले शराब माफिया पोषण वितरित करता था और खाने लायक सामग्री नहीं दी जाती थी। शाह ने पूछा कि 75 साल में से 60 साल कांग्रेस ने शासन किया, फिर आदिवासियों का विकास क्यों नहीं हुआ? उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में माओवादी विचारधारी फैली और इंदिरा गांधी के राजनीतिक स्वार्थ से नक्सलवाद बढ़ा।
विकास से नक्सलवाद का खात्मा
गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर में हर गांव में स्कूल बनाए गए हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए, 12,500 किलोमीटर सड़कें बनीं और 5,000 मोबाइल टावर स्थापित किए गए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। नक्सली विचारधारा में सत्ता बंदूक से निकलती है और वे अपने ही लोगों का खून बहाते हैं।
‘हथियार डालने वालों को मदद, हिंसा करने वालों का हिसाब’
शाह ने साफ चेतावनी दी कि जो हथियार उठाएगा, उसका हिसाब लिया जाएगा। नक्सली हिंसा करने वालों के दिन अब समाप्त हो गए हैं। हथियार डालने वालों को सरकार मदद करेगी, लेकिन हिंसा करने वालों से अब कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि नक्सलियों से लड़ते हुए 5,000 जवान शहीद हो चुके हैं। पिछले तीन साल में 706 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए, 4,839 ने सरेंडर किया और 2,208 जेल गए हैं।
अर्बन नक्सलियों पर भी हमला
अमित शाह ने अर्बन नक्सलियों पर भी निशाना साधा और कहा कि कुछ लोग मानवता के दोहरे चरित्र को स्वीकार नहीं करते। उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति से नक्सलवाद का खात्मा किया जा रहा है और जनता का पूरा सहयोग मिल रहा है।
