छत्तीसगढ़ की पहली महिला अग्निवीर बनीं फामेश्वरी यादव, रचा इतिहास
छत्तीसगढ़ की बेटी फामेश्वरी यादव ने इतिहास रचते हुए प्रदेश की पहली महिला अग्निवीर बनने का गौरव हासिल किया है। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने भारतीय सेना में अपनी जगह बनाई, जिससे न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा प्रदेश गर्व महसूस कर रहा है।
संघर्षों के बीच हासिल की कामयाबी
फामेश्वरी यादव को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। घर के कामकाज और समाज की रूढ़ियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई और शारीरिक प्रशिक्षण को जारी रखा। उन्होंने न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की सोच को बदलने का काम किया।
अग्निपथ योजना से मिली प्रेरणा
फामेश्वरी ने ‘अग्निपथ योजना’ के तहत भर्ती होकर सेना में प्रवेश किया। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को देश की सेवा के लिए प्रशिक्षित करना है। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने सेना की कठिन ट्रेनिंग को पूरा किया और अब छत्तीसगढ़ की पहली महिला अग्निवीर बन गई हैं।
नारी शक्ति की मिसाल
फामेश्वरी यादव की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनकी सफलता से प्रदेश की अन्य बेटियों को भी सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करने की प्रेरणा मिलेगी।
उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, दोस्तों और स्थानीय प्रशासन ने खुशी जताई है। फामेश्वरी न केवल अपने गांव बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई हैं।