छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को कैबिनेट मंत्री का दर्जा
रायपुर: छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। यह निर्णय अल्पसंख्यक समुदाय के सशक्तिकरण और उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
डॉ. सलीम राज लंबे समय से छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की गतिविधियों को प्रभावी तरीके से संचालित कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और विकास के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद उन्हें अब कैबिनेट मंत्री के समान अधिकार, सुविधाएं और प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।
अल्पसंख्यक समुदाय को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से अल्पसंख्यक समुदाय को सरकार के साथ बेहतर संवाद और विकास योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। इससे वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और उपयोग में भी तेजी आएगी।
राजनीतिक समीकरण भी हुए मजबूत
सरकार के इस कदम को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है। चुनावी वर्ष में इस फैसले को अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. सलीम राज का बयान
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. सलीम राज ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य सरकार का आभार प्रकट करता हूं। यह जिम्मेदारी न केवल मेरे लिए सम्मान की बात है, बल्कि समुदाय की सेवा का एक बड़ा अवसर भी है।”
क्या है वक्फ बोर्ड?
वक्फ बोर्ड एक संवैधानिक संस्था है, जो मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों का प्रबंधन करती है। इसका मुख्य उद्देश्य इन संपत्तियों का संरक्षण और उनके उपयोग से समुदाय के विकास में योगदान देना है।
सरकार के इस फैसले को प्रदेशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में इसे एक दूरदर्शी कदम बताया जा रहा है।
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