अन्नपूर्णा जयंती कब और क्यों मनाई जाती है?
अन्नपूर्णा जयंती हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन देवी पार्वती ने अन्नपूर्णा देवी का अवतार लिया था। देवी अन्नपूर्णा को भोजन और समृद्धि की देवी माना जाता है। जिनके घर में देवी अन्नपूर्णा का वास होता है, वहां कभी अन्न की कमी नहीं होती और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
अन्नपूर्णा जयंती की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार धरती पर भीषण सूखा पड़ा। फसलें सूख गईं, और अन्न-जल की कमी से त्राहि-त्राहि मच गई। लोग भूख-प्यास से बेहाल होकर भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव की प्रार्थना करने लगे।
भगवान विष्णु ने भक्तों की पुकार सुनकर भगवान शिव को उनकी योग निद्रा से जगाया और समस्या बताई। तब भगवान शिव ने धरतीवासियों की मदद के लिए भिक्षुक का रूप धारण किया। वहीं माता पार्वती ने देवी अन्नपूर्णा का अवतार लिया।
माता अन्नपूर्णा ने भगवान शिव को भिक्षा स्वरूप अन्न दिया। भगवान शिव ने वह अन्न पृथ्वी पर लोगों में वितरित किया। इस प्रकार देवी अन्नपूर्णा ने अपने भक्तों को भूख और अभाव से मुक्त किया। यह दिन मार्गशीर्ष की पूर्णिमा तिथि थी। तभी से हर साल इस दिन को अन्नपूर्णा जयंती के रूप में मनाया जाता है।
अन्नपूर्णा जयंती का महत्व
- सुख-समृद्धि का प्रतीक:
मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से देवी अन्नपूर्णा की पूजा करता है, उसके घर में अन्न-धन की कभी कमी नहीं होती। - अन्न और जल की पूर्ति:
इस दिन देवी अन्नपूर्णा की आराधना करने से परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। - दान का महत्व:
इस दिन अन्न, भोजन या धन का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
अन्नपूर्णा जयंती की पूजा विधि
- स्नान और घर की सफाई:
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पूजा स्थान को साफ करें। - देवी की प्रतिमा की स्थापना:
देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। - पूजा सामग्री:
दीपक, धूप, फल, फूल, नैवेद्य और अन्न से देवी की पूजा करें। - मंत्र जप:
देवी अन्नपूर्णा के मंत्रों का जाप करें।- मंत्र: “ॐ अन्नपूर्णायै नमः”
- व्रत और भोग:
पूरे दिन उपवास रखें और प्रसाद के रूप में देवी को अन्न, मिठाई या खिचड़ी का भोग लगाएं। - दान-पुण्य करें:
अन्न, कपड़े और जरूरतमंदों को भोजन का दान करें।
अन्नपूर्णा जयंती के संदेश
अन्नपूर्णा जयंती हमें यह सिखाती है कि अन्न का सम्मान करें और इसे कभी व्यर्थ न जाने दें। साथ ही, जरूरतमंदों की मदद करने और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और आशीर्वाद मिलता है।
इस अन्नपूर्णा जयंती पर देवी की कृपा से सभी के घर में अन्न, धन और शांति बनी रहे।