मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने गौशालाओं को प्रति मवेशी दी जाने वाली अनुदान राशि को 25 रुपए से बढ़ाकर 35 रुपए करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर विशेषर सिंह पटेल को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनके नेतृत्व में गौ सेवा आयोग के कार्यों की सराहना करते हुए आयोग की भावी योजनाओं को लेकर भी उम्मीदें जताई। मुख्यमंत्री ने इस दौरान लगाए गए गौ-उत्पादों के स्टालों का अवलोकन भी किया।
सीएम साय ने कहा कि गौ माता हमारे समाज और संस्कृति का अहम हिस्सा हैं, और उन्हें समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि गौ माता में 33 कोटि देवी देवताओं का वास होता है। मुख्यमंत्री ने गौ माता के संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने गौ अभ्यारण्य को गौ-धाम का नाम देने का प्रस्ताव रखते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा जगह-जगह गौ-धाम बनाने का निर्णय लिया गया है। इस कड़ी में बेमेतरा जिले के झालम में 50 एकड़ में गौ-धाम बनकर तैयार है, जिसका जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा। वहीं, कवर्धा जिले में 120 एकड़ में गौ-धाम बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ के देवभोग ब्रांड को मजबूत बनाने के प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार गौ माता की सुरक्षा के लिए गौ तस्करी और गौ हत्या पर सख्ती से कदम उठाएगी।
विशेषर सिंह पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष ने भी आयोग के कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला, और गौ सेवा में राज्य सरकार की भूमिका को मजबूत करने का संकल्प लिया।