Mamta Kulkarni: नई दिल्ली। बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री और साध्वी ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से बाहर कर दिया गया है। हाल ही में महामंडलेश्वरों और शंकराचार्यों को लेकर दिए गए उनके विवादित बयान के बाद अखाड़े ने यह सख्त कदम उठाया। किन्नर अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि अब ममता कुलकर्णी का अखाड़े से कोई संबंध नहीं है और वह इसकी सदस्य नहीं रहीं।
बैठक के बाद हुआ निर्णय
डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि अखाड़े में महिला, पुरुष और किन्नर तीनों समुदाय के लोग शामिल हैं और संगठन किसी भी प्रकार का विवाद नहीं चाहता। हाल के दिनों में सामने आए घटनाक्रम और बयानों से अखाड़े की छवि पर असर पड़ रहा था, जिसे देखते हुए यह निर्णय जरूरी हो गया।
क्या था ममता कुलकर्णी का बयान
ममता कुलकर्णी ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि “10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं” और उनके पास शून्य ज्ञान है। उन्होंने अहंकार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी और कुछ धार्मिक नेताओं पर राजनीतिक संदर्भों में बयान देने का आरोप लगाया था। यही बयान विवाद की जड़ बना और अखाड़े के भीतर नाराजगी बढ़ गई।

महाकुंभ में लिया था संन्यास
गौरतलब है कि ममता कुलकर्णी ने पिछले साल प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान संन्यास लिया था। उन्होंने किन्नर अखाड़े से दीक्षा ग्रहण की थी और संन्यासी बनने के बाद उनका नया नाम महामंडलेश्वर स्वामी जय अंबानंद गिरी रखा गया था। अखाड़े में शामिल होने के बाद वह धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आई थीं।
अब खत्म हुआ संबंध
बयान के सामने आने के महज दो दिन बाद ही अखाड़े ने उन्हें बाहर करने का फैसला सुना दिया। अखाड़े की ओर से साफ कर दिया गया है कि अब ममता कुलकर्णी का किन्नर अखाड़े से कोई नाता नहीं है और वह संगठन की सदस्य नहीं मानी जाएंगी।
