भारत को मंदिरों और देवताओं का देश कहा जाता है। यहां हर देवी-देवता की पूजा अलग-अलग परंपराओं और मान्यताओं के साथ की जाती है। खासकर कलियुग में हनुमान जी को चमत्कारी देवता माना जाता है। देशभर में उनके कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित एक मंदिर अपनी अनोखी मान्यता के कारण सबसे अलग माना जाता है। यहां हनुमान जी को डॉक्टर के रूप में पूजा जाता है।
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित दंदरौआ धाम, जिसे दंदरौआ सरकार धाम भी कहा जाता है, को लोग डॉक्टर हनुमान मंदिर के नाम से जानते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में बजरंगबली स्वयं डॉक्टर बनकर अपने भक्तों की बीमारियों का इलाज करते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां दर्शन मात्र से टीबी, कैंसर और अन्य गंभीर व लाइलाज बीमारियों में भी राहत मिलती है।
मंदिर से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, साधु शिवकुमार दास नामक भक्त कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। मान्यता है कि हनुमान जी ने उन्हें डॉक्टर के रूप में दर्शन दिए। वे सफेद कोट पहने हुए थे और गले में आला डाले हुए थे। उनके दर्शन के बाद साधु पूरी तरह स्वस्थ हो गए। इसी चमत्कार के बाद से यहां हनुमान जी को डॉक्टर स्वरूप में पूजा जाने लगा।
यह मंदिर ग्वालियर से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां हनुमान जी की एक अनोखी मूर्ति स्थापित है, जिसमें वे नृत्य करते हुए दिखाई देते हैं। यह मूर्ति अपने आप में अद्वितीय मानी जाती है।
धार्मिक मान्यता है कि जैसे डॉक्टर शरीर की बीमारी को दूर करता है, वैसे ही हनुमान जी इस मंदिर में अपने भक्तों के शरीर, मन और आत्मा की पीड़ा को दूर करते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु उन्हें प्रेम से “डॉक्टर हनुमान जी” कहकर पुकारते हैं।
हर मंगलवार और शनिवार को मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा और आस्था के साथ की गई प्रार्थना से बड़ी से बड़ी और असाध्य बीमारी भी ठीक हो सकती है।
