मुंगेली, आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से सांवरा जनजाति को स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल की गई। मुंगेली जिले के कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार ग्राम दाऊकापा में विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
स्वास्थ्य शिविर में सांवरा समुदाय के 142 महिला-पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उपचार कराया। सामान्य जांच के दौरान 12 मरीज उच्च रक्तचाप, 11 मोतियाबिंद, 27 दाद-खाज-खुजली, 17 सर्दी-खांसी, 14 बॉडी पेन, 6 मधुमेह, 13 कमजोरी, 6 कान संक्रमण तथा 2 कुपोषण से ग्रसित पाए गए। सामान्य रोगियों का मौके पर ही उपचार किया गया, जबकि गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल में उपचार हेतु परामर्श दिया गया।
डॉ. मनीष बंजारा ने बताया कि यह शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से समुदाय को स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर आधुनिक चिकित्सा से जोड़ने का संवेदनशील प्रयास किया गया। शिविर की विशेषता यह रही कि परामर्श स्थानीय भाषा में एवं संवादात्मक तरीके से दिया गया, जिससे लोग बिना संकोच अपनी समस्याएं साझा कर सके।
शिविर के दौरान मातृ-शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच, मौसमी बीमारियों तथा सर्पदंश से बचाव की जानकारी दी गई और निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। समुदाय को टोना-टोटका, झाड़-फूंक से इलाज न कराने, सांप काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचने एवं समय पर टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।
उल्लेखनीय है कि नट एवं सांवरा समुदाय के लोग परंपरागत घरेलू उपचार, ओझा-गुणिया एवं झाड़-फूंक पर अधिक निर्भर रहते हैं, जिसके कारण गंभीर बीमारियों में समय पर उपचार नहीं मिल पाता। सर्पदंश, तेज बुखार, संक्रमण, हृदयाघात, ब्रेन स्ट्रोक एवं गंभीर चोट जैसी परिस्थितियों में इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। इस शिविर को स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
