नई दिल्ली। भारतीय घरेलू क्रिकेट का प्रतिष्ठित वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का आगाज़ 24 दिसंबर से होने जा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट में इस बार 38 टीमें हिस्सा लेंगी, जबकि फाइनल मुकाबला 18 जनवरी को खेला जाएगा। राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की भागीदारी के चलते यह प्रतियोगिता हर साल रोमांच और प्रतिभा का शानदार मंच साबित होती है।
घरेलू वनडे क्रिकेट का सबसे अहम टूर्नामेंट
विजय हजारे ट्रॉफी को भारतीय घरेलू क्रिकेट में वनडे फॉर्मेट का सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट माना जाता है। इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए भारतीय टीम में चयन के रास्ते खुलते हैं।
इस टूर्नामेंट की शुरुआत 1983-84 में रणजी वनडे कप के रूप में हुई थी। वर्ष 2008 में इसे भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाने वाले कप्तान विजय हजारे के सम्मान में वर्तमान नाम दिया गया।
2008 के बाद कर्नाटक का दबदबा
2008 से विजय हजारे ट्रॉफी मौजूदा फॉर्मेट में खेली जा रही है। इसके बाद से कर्नाटक इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम बनकर उभरी है।
- कर्नाटक ने अब तक 5 बार खिताब जीता है और वह इस सीजन मौजूदा चैंपियन के रूप में मैदान में उतरेगी।
- तमिलनाडु ने 3 बार ट्रॉफी अपने नाम की है।
- मुंबई और सौराष्ट्र ने 2-2 बार खिताब जीता है।
- इसके अलावा झारखंड, बंगाल, दिल्ली, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा भी एक-एक बार चैंपियन बन चुके हैं।
टूर्नामेंट का फॉर्मेट और मैचों की संख्या
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में कुल 135 मुकाबले खेले जाएंगे।
- 32 टीमें एलीट ग्रुप में
- 6 टीमें प्लेट ग्रुप में शामिल होंगी
एलीट ग्रुप की टीमों को 4 ग्रुप में बांटा गया है।
- लीग स्टेज में प्रत्येक टीम 7 मैच खेलेगी।
- हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सुपर-8 के लिए क्वालीफाई करेंगी।
- इसके बाद नॉकआउट मुकाबले खेले जाएंगे और
- 18 जनवरी को फाइनल मुकाबले के साथ टूर्नामेंट का समापन होगा।
टीम इंडिया के लिए प्रतिभाओं की खोज
यह टूर्नामेंट न सिर्फ घरेलू क्रिकेट की प्रतिष्ठा को दर्शाता है, बल्कि भविष्य के भारतीय सितारों को पहचान दिलाने का भी सबसे बड़ा मंच है।
