Bastar Olympics 2025: जगदलपुर। ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और मुक्केबाजी की दिग्गज मैरी कॉम ने गुरुवार को बस्तर ओलंपिक 2025 के शुभारंभ में शिरकत कर हजारों ट्राइबल खिलाड़ियों का जोश दोगुना कर दिया। इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में पहुंची मैरी कॉम को देखते ही पूरा मैदान “मैरी कॉम… मैरी कॉम” के नारों से गूंज उठा। उन्होंने हर खिलाड़ी से हाथ मिलाया, गले लगाया और कहा, “आपमें वो आग है जो मुझे मणिपुर के छोटे से गांव से ओलंपिक तक ले गई। बस हिम्मत मत हारना – एक दिन आप भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का झंडा बुलंद करेंगे।”
मीडिया से बातचीत में मैरी कॉम ने छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ करते हुए कहा, “ट्राइबल बच्चों को खेल से जोड़ने का यह प्रयास काबिल-ए-तारीफ है। मैं खुद एक गरीब परिवार से हूं, शुरुआत में दस्ताने तक नहीं थे, लेकिन जुनून ने मुझे विश्व चैंपियन बनाया। बस्तर के ये बच्चे मुझसे कहीं ज्यादा प्रतिभाशाली हैं बस उन्हें मौका चाहिए।” उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तारीफ करते हुए कहा, “आदिवासी मुख्यमंत्री होने के नाते वे हमारे दर्द को बेहतर समझते हैं। बस्तर में जो बदलाव दिख रहा है, वो दिल छू लेने वाला है।”

मैरी कॉम ने बस्तर को “नया बस्तर” बताते हुए कहा कि यहां की सड़ियां अब सिर्फ जंगल में नहीं, खेल के मैदान में भी दहाड़ेंगी। उन्होंने हंसते हुए कहा, “मुझे पता चला चित्रकोट जलप्रपात को भारत का नियाग्रा कहते हैं – अगली बार जरूर आऊंगी और इन खूबसूरत झरनों को देखने।” स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों ने मैरी कॉम के साथ सेल्फी ली और उनके हस्ताक्षर लिए। एक बच्ची ने जब कहा, “दीदी, मैं भी आपके जैसा बनूंगी,” तो मैरी कॉम ने उसे गले लगाकर कहा, “बनोगी नहीं, तुम मुझसे भी आगे निकलोगी।”
बस्तर ओलंपिक में इस बार 3.92 लाख से ज्यादा खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2.27 लाख से अधिक बेटियां हैं। मैरी कॉम की मौजूदगी ने इस आयोजन को और खास बना दिया। उन्होंने अंत में कहा, “ये बच्चे सिर्फ बस्तर का नहीं, पूरे भारत का भविष्य हैं। एक दिन ये ओलंपिक में पदक लाएंगे – मैं इसका इंतजार करूंगी।” मैरी कॉम का यह संदेश बस्तर के हर कोने तक गूंज रहा है – ट्राइबल युवा अब सपने नहीं, हकीकत लिखने को तैयार हैं।
