नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हाल ही में Operation Sindoor के नतीजों का बड़ा खुलासा किया। एयर चीफ ने बताया कि इस अभियान में पाकिस्तान के कई लड़ाकू विमान और एयरफील्डों को गंभीर क्षति पहुंचाई गई।
एयर चीफ के अनुसार, Operation Sindoor के दौरान पाकिस्तान के लगभग 10‑12 विमान नष्ट हुए, जिनमें 4‑5 F‑16 और कई JF‑17 फाइटर जेट शामिल थे। कुछ विमानों को हैंगर में नष्ट किया गया, जबकि कुछ उड़ानशील अवस्था में मार गिराए गए। इसके अलावा, एक C‑130 ग्राउंड और एक AWACS विमान भी क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए।
एयरफील्ड और आधार पर हमला
अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान पाकिस्तान के कई एयरफील्डों को निशाना बनाया गया। रनवे और हैंगर पर किए गए हमलों से उनकी हवाई क्षमता और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ। एयर चीफ ने कहा कि विपक्षी दावों और भारत के खिलाफ उठने वाले बयानों पर ध्यान देना चाहिए, और यदि कोई बड़ी संख्या में जेट गिरने का दावा करता है, तो इसके ठोस प्रमाण होना आवश्यक है।
भविष्य की तैयारी: S‑400, LCA और अपग्रेडेशन
एयर चीफ ने S‑400 मिसाइल प्रणाली की सफलता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी प्रणाली की और आवश्यकता है। साथ ही, सुखोई‑30 विमानों का अपग्रेडेशन रूस के साथ जारी है और LCA Mark‑1A के ऑर्डर दिए जा चुके हैं, जिसकी खेप 2028 तक मिलने की संभावना है। उन्होंने आत्मनिर्भरता और तकनीकी साझेदारी पर भी बल दिया।
रणनीति और अंतर-एजेंसी समन्वय
एयर चीफ ने Operation Sindoor के दौरान एजेंसियों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की लड़ाइयों में सभी को मिलकर काम करना होगा और थिएटर कमांड की संभावनाओं पर विचार जारी है। इसके साथ ही क्षमता‑आधारित एयरक्राफ्ट और रणनीतिक साझेदारियों पर ध्यान देने की जरूरत है। DRDO और HAL के साथ सहयोग बढ़ाने का भी संकेत दिया गया।
