रायपुर। भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के अवंती विहार स्थित अटल चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने अटल जी के योगदान को याद करते हुए उनके सिद्धांतों और आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
अटल जी की देन है छत्तीसगढ़: CM साय
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा, “आज हम अपने नाम के साथ छत्तीसगढ़ लिख पा रहे हैं, तो यह स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की देन है।” उन्होंने अटल जी के साहसिक और सैद्धांतिक राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा, “जब संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और साथी दलों ने वोट की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा, तब अटल जी ने स्पष्ट कहा कि भले ही सरकार चली जाए, लेकिन सत्ता लोलुपता के साथ समझौता कर बनने वाली सरकार को मैं चिमटे से भी नहीं छूना चाहूंगा।”
सीएम साय ने अटल जी के इस प्रसिद्ध कथन का भी उद्धरण किया: “मैं मृत्यु से नहीं डरता, मैं डरता हूं तो बदनामी से डरता हूं।” उन्होंने बताया कि अटल जी ने हमेशा सिद्धांतों की राजनीति की, जो आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख नेता
इस कार्यक्रम में उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार राठी और मंजूल मयंक श्रीवास्तव ने किया, जबकि जिला महामंत्री सत्यम दुआ ने आभार व्यक्त किया।
उपस्थित नेता और भाजपा कार्यकर्ता
इस अवसर पर प्रदेश मंत्री जयंती पटेल, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, किशोर महानंद, अंजय शुक्ला, राजीव चक्रवर्ती, ललित जयसिंह, गोपी साहू, भीमवंत निषाद, दलविंदर सिंह बेदी, राम प्रजापति, सुनील कुकरेजा, पार्षद प्रदीप वर्मा, खेम सेन, कृतिका जैन, प्रभा विश्वकर्मा, संतोष श्रीवास्तव, किशोरचंद्र नायक, सुब्रत घोष, अजय पाणिकर, रविंद्र ठाकुर, कमल जैन, विलास सुतार, रामलाल साहू, रविंद्र चौहान, संजय नागर, इंदरचंद जैन, जयराम कुकरेजा, जितेंद्र नाग, ओम राठौर, हरीश ठाकुर, अनूप खेलकर, विनय निर्मलकर, सुरेंद्र सोलंकी, संतोष साहू, महेश बघेल सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित थे।
अटल जी के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अटल जी की राजनीतिक उपलब्धियों और उनके द्वारा देश की सेवा में किए गए योगदान को याद करते हुए कहा, “अटल जी की राजनीति न केवल सिद्धांतों और आदर्शों से प्रेरित थी, बल्कि उन्होंने देश को एक नई दिशा दी। उनकी दूरदृष्टि ने न केवल राष्ट्रीय विकास की नींव रखी, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए भी उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।”