शाही जामा मस्जिद सर्वे मामला: हाईकोर्ट ने बरकरार रखा निचली अदालत का आदेश, संभल में पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
संभल, उत्तर प्रदेश – इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक अहम फैसले में शाही जामा मस्जिद, संभल के सर्वेक्षण को लेकर निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। मुस्लिम पक्ष द्वारा दाखिल याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने सर्वेक्षण आयोग की नियुक्ति को वैध ठहराया।
कोर्ट के इस फैसले के बाद संभल में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई के अनुसार, जिले में फ्लैग मार्च निकाला गया है और पैदल गश्त तेज कर दी गई है। साथ ही साइबर स्पेस पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कोई भड़काऊ या अभद्र टिप्पणी न फैले।
एसपी बिश्नोई ने अपील करते हुए कहा, “कोर्ट के फैसले की गरिमा बनाए रखें और कोई ऐसी टिप्पणी न करें जिससे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों या न्यायपालिका पर सवाल उठें।”
हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने इसे “बहुत महत्वपूर्ण” करार दिया। उन्होंने कहा कि “यह निर्णय उन सभी भ्रमों को खारिज करता है जो यह कह रहे थे कि मस्जिद समिति को सुने बिना सर्वे आयोग की नियुक्ति करना गलत था।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश 26, नियम 9 और 10 के अंतर्गत अदालत सर्वेक्षण आयुक्त नियुक्त करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
जैन के अनुसार, 19 और 24 नवंबर को सर्वे की प्रक्रिया दोनों पक्षों की मौजूदगी में पूरी की गई थी। उन्होंने कहा कि “इस फैसले ने उन सभी आलोचनाओं पर पूर्ण विराम लगा दिया है जो कोर्ट की प्रक्रिया और गरिमा पर उठाए जा रहे थे।”
वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह भी बताया कि वह अब सीलबंद लिफाफे में दाखिल सर्वे रिपोर्ट पर स्टे वेकेशन के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। साथ ही, हाईकोर्ट ने मुकदमे पर लगी रोक भी हटा दी है, जिसका मतलब है कि अब मामला आगे बढ़ेगा।