जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर सरकार ने बड़ा दावा किया है। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि राज्य में नक्सलवाद अब पूरी तरह समाप्ति की कगार पर है और 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद खत्म हो जाएगा।
ISRO समेत कई एजेंसियों की अहम भूमिका
जगदलपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय शर्मा ने बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में ISRO, NTRO, ITBP और NSG जैसी संस्थाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
95 प्रतिशत नक्सलवाद खत्म होने का दावा
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर संभाग में 95 प्रतिशत तक नक्सलवाद खत्म किया जा चुका है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई और रणनीति के चलते यह संभव हो पाया है।
अमित शाह की डेडलाइन का जिक्र
विजय शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2024 में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की समय-सीमा तय की थी, जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है।
कई जिले नक्सलवाद से मुक्त
सरकार के अनुसार बस्तर के अलावा कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान, राजनांदगांव, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद जैसे जिले भी अब काफी हद तक नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं।
पुनर्वास नीति का असर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पापाराव जैसे कई नक्सलियों ने मुख्यधारा में वापसी की है और बस्तर के समाज ने भी पुनर्वासित लोगों को खुले मन से स्वीकार किया है। सरकार की पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
राजनीतिक इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों का योगदान
उन्होंने कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के साहस के चलते राज्य नक्सलवाद मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
