आईआरसीटीसी के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। रायपुर और बिलासपुर रेल मंडल में ‘रेल नीर’ की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, जिससे यात्रियों को अब महंगा पैकेज्ड पानी खरीदना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, नागपुर स्थित रेल नीर प्लांट से 14 अप्रैल तक सप्लाई रोक दी गई है। प्लांट की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन लगभग 6 हजार पेटी है, लेकिन गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने के कारण अब वेस्ट जोन को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस निर्णय के चलते ट्रेनों और स्टेशनों पर मिलने वाला सस्ता और विश्वसनीय ‘रेल नीर’ फिलहाल उपलब्ध नहीं रहेगा। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में रेलवे अन्य ब्रांड के पैकेज्ड पानी से काम चला रहा है, लेकिन उनकी कीमतों और उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रायपुर और बिलासपुर रेल मंडल में प्रतिदिन करीब 1550 पेटी ‘रेल नीर’ की खपत होती है। इसमें बिलासपुर में लगभग 900 पेटी और रायपुर में 650 पेटी की दैनिक खपत शामिल है। एक पेटी में 12 बोतलें होती हैं। गर्मी के दौरान पानी की मांग में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो जाती है, जिससे सप्लाई बाधित होने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है।
सप्लाई बंद होने के बाद यात्रियों को निजी ब्रांड का पानी खरीदना मजबूरी बन गया है, जिनकी कीमतें तय नहीं होने के कारण वेंडर्स द्वारा अधिक राशि वसूले जाने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल, यह व्यवस्था 14 अप्रैल तक लागू रहेगी। ऐसे में यात्रियों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त खर्च के लिए तैयार रहना होगा। रेलवे द्वारा स्थिति को सामान्य करने के लिए वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
