विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान की घोषणा
शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में भव्य आयोजन
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह समारोह शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार, शोध और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस वैज्ञानिकों के योगदान को स्मरण करने और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि नवयुवक ही विज्ञान अभियानों के सच्चे सारथी हैं और उन्हें विज्ञान को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए नवाचार एवं शोध की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्व और भारत के प्रारंभिक वैज्ञानिकों की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में मातृशक्ति को भी विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने बस्तर क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यहां के युवा वैज्ञानिकों का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक ग्रंथों में दर्ज हो, इसके लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने युवाओं में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु “विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान” प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके अंतर्गत युवा वैज्ञानिकों को देश के प्रमुख वैज्ञानिकों के जन्म स्थलों का अध्ययन भ्रमण कराया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान “दण्डकारण्य आमचो बस्तर विज्ञान महोत्सव” का विमोचन भी किया गया। यह महोत्सव मार्च से सितंबर 2026 तक आयोजित होगा। इसके अंतर्गत सोझ-गोठ (छात्र-वैज्ञानिक संवाद), जोहार प्रकृति (ग्राम समिति कार्यशाला), बस्तर अनुसंधान (लोक विज्ञान सम्मेलन), लोक-वैद्य सभा (पारंपरिक वैद्यक अध्ययन व कार्यशाला) तथा विकास यात्रा (प्रबुद्ध जनों की गोलमेज संगोष्ठी) जैसे आयोजन किए जाएंगे।
समारोह में भोपाल और रायपुर से पहुंचे वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवीनतम आयामों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक चेतना का प्रसार करना और समाज में विज्ञान के महत्व को रेखांकित करना रहा।
इस अवसर पर महानिदेशक डॉ. प्रशांत कवीश्वर, सीएसआईआर भोपाल के निदेशक डॉ. थल्लाडा भास्कर, विज्ञान भारती के विवस्वान, बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
