मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को रेखांकित करता है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2026 के रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का उदाहरण भी है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान और मजबूत हुई है।
श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण पहल है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य का मार्ग है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर प्रतिभा का सम्मान किया जा रहा है, जिससे पूरे श्रमिक समाज में आत्मविश्वास का संचार हो रहा है।
आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचा है। आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना और दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बना रही हैं। ‘श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना संवेदनशील शासन का उदाहरण है।
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से निवेश को बढ़ावा मिला है, जिससे नए उद्योग स्थापित हुए हैं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में उठाया गया कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे क्षेत्रों में निवेश तथा स्टार्टअप नीति का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य को आधुनिक तकनीकी युग की ओर अग्रसर कर रहा है। ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे प्रशासनिक सुधारों ने पारदर्शिता बढ़ाई है और निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है।
सामाजिक समावेशन को भी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
उद्योग तथा श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपनी दूरदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व से यह सिद्ध किया है कि यदि नीति स्पष्ट और नीयत जनकल्याणकारी हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक व्यापक और सशक्त रूप ले रहा है।
