बेमेतरा । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत सरदा, जनपद पंचायत बेरला की निवासी दशोदा धीवर के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2024-25 में स्वीकृत उनका आवास 20 अगस्त 2025 को पूर्ण हुआ, जिससे उनका वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हो गया।
आवास मिलने से पहले दशोदा धीवर का परिवार कच्ची दीवारों और घास-फूस की छत वाली जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर था। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकता था और तूफान के दौरान घर गिरने का भय बना रहता था। हर मौसम उनके लिए कठिनाइयों से भरा होता था।
दशोदा धीवर दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। सीमित और अनिश्चित आय के कारण रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौतीपूर्ण था, जिससे पक्के घर का सपना अधूरा ही लग रहा था।
आवास निर्माण के दौरान उन्हें कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ीं, जैसे बैंक खाता खुलवाना और आवश्यक दस्तावेज तैयार करना। शासन द्वारा सहायता राशि किस्तों में सीधे खाते में जमा की गई, जिससे पारदर्शिता बनी रही। स्थानीय अधिकारियों के मार्गदर्शन और ग्रामीणों के सहयोग से उन्होंने श्रमदान करते हुए धीरे-धीरे अपने घर का निर्माण पूरा किया।
नए पक्के मकान में अब मजबूत दीवारें, सुरक्षित छत, दरवाजे और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही अन्य योजनाओं के माध्यम से बिजली और स्वच्छ ईंधन की सुविधा भी मिली है। अब उनका घर सुरक्षित, स्वच्छ और रहने योग्य बन चुका है।
नए घर के बनने से परिवार की जिंदगी में खुशियां आई हैं। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई है और समाज में उनका सम्मान भी बढ़ा है। जहां पहले बारिश डर का कारण थी, अब वही सुकून और खुशी का एहसास कराती है।
यह उदाहरण दर्शाता है कि शासन की योजनाएं जब सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचती हैं, तो वे उनके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाती हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने दशोदा धीवर को न केवल पक्का घर दिया, बल्कि आत्मविश्वास, सुरक्षा और सम्मान के साथ बेहतर जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया है।
