छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुख्यात नक्सली कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ प्रदेश में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो चुका है और अब कोई सक्रिय नक्सली नहीं बचा है।
गृह मंत्री ने बताया कि पापाराव पिछले करीब 25 वर्षों से जंगलों में सक्रिय रहा और कई मुठभेड़ों में शामिल होने के बावजूद लगातार बचता रहा। उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि हाल ही में बातचीत के बाद पापाराव का मनोभाव बदला और अब वह पुनर्वास की मुख्यधारा में लौट रहा है।
विजय शर्मा के अनुसार, डीकेएसजेडसी स्तर पर अब कोई सक्रिय नक्सली नहीं बचा है। हालांकि, एरिया कमेटी स्तर पर 40 से 45 नक्सलियों के बचे होने की संभावना जताई गई है, लेकिन उन्होंने भी वर्दी छोड़ दी है और जल्द ही पुनर्वास की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पापाराव आज अपने 12 साथियों के साथ बीजापुर में आत्मसमर्पण करेगा। उसके पास AK-47 सहित कई आधुनिक हथियार होने की जानकारी है। आत्मसमर्पण के बाद उसे जगदलपुर ले जाया जाएगा, जहां आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कौन है पापाराव
पापाराव, जिसका पूरा नाम सुन्नम पापाराव है, छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है और लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय रहा है। वह स्पेशल जोनल कमेटी (DSZC) का सदस्य और पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज रह चुका है। मंगू दादा उर्फ चंद्रन्ना के नाम से भी उसकी पहचान रही है। वह आमतौर पर 30 से 40 नक्सलियों के दल के साथ सक्रिय रहता था और आधुनिक हथियारों से लैस रहता था।
