उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma ने गुरुवार को दंतेवाड़ा स्थित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया और वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को इलेक्ट्रिकल टूल किट और वेलकम किट वितरित की।
नवरात्रि के अंतिम दिन दंतेवाड़ा पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने Maa Danteshwari Temple में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद पुनर्वास केंद्र में युवाओं से चर्चा करते हुए उनकी जरूरतों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।
युवाओं ने बताया कि वे प्रशिक्षण के बाद अपने गांव लौटकर खेती-किसानी करना चाहते हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इच्छुक युवाओं को कृषि प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति का उद्देश्य युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन देना है। साथ ही युवाओं से अपील की कि वे अन्य साथियों को भी पुनर्वास के लिए प्रेरित करें।
निरीक्षण के दौरान केंद्र की सुविधाओं, भोजन व्यवस्था और प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा की गई। युवाओं द्वारा स्वयं भोजन बनाने की इच्छा जताने पर अनुमति भी दी गई।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी युवाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाए और केंद्र से बाहर जाने से पहले उनके ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके परिचित या परिजन जेल में हैं, तो वे पुनर्वास की प्रक्रिया से जुड़कर नई शुरुआत कर सकते हैं।
वर्तमान में केंद्र में 107 युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिनमें 60 बीजापुर और 47 दंतेवाड़ा जिले के हैं। यहां इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सिलाई और ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। अब तक 7 युवाओं को ड्राइविंग क्षेत्र में रोजगार मिला है और 75 युवाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गई हैं।
सीआरपीएफ जवानों का किया उत्साहवर्धन
उपमुख्यमंत्री बस्तर के मारडूम घाटी मार्ग से होते हुए चित्रकूट, लोहंडीगुड़ा और बारसूर के रास्ते दंतेवाड़ा पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहले दुर्गम माने जाने वाले ये रास्ते अब सुरक्षित और सुगम हो गए हैं।
दंतेवाड़ा स्थित सीआरपीएफ बटालियन कैंप में जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से बस्तर में अब नए पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
