महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से जशपुरनगर में कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, रायपुर द्वारा महावीर इंटरनेशनल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के सहयोग से कुनकुरी स्थित मंगल भवन में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में 150 महिलाओं ने भाग लिया, जिनमें 25 दिव्यांग महिलाएं भी शामिल रहीं।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को उनकी रुचि के अनुसार विभिन्न व्यावसायिक कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें हर्बल साबुन निर्माण, रिबन माला और गजरा बनाना, चॉकलेट निर्माण, मोमबत्ती बनाना, गोबर से बने उत्पाद जैसे राखी, धूप कप, दीया, तोरण, बोतल आर्ट, जैस्मिन आर्ट, झाड़ू-पोछा निर्माण और फिनाइल बनाना शामिल रहा। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना था, ताकि वे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।
कार्यशाला के समापन अवसर पर निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने जानकारी दी कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगामी माह से रायपुर में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया।
कलेक्टर रोहित व्यास ने प्रतिभागियों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और स्वयं भी उत्पाद क्रय किए। इस दौरान दिव्यांगजनों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को लेकर सकारात्मक चर्चा भी हुई।
कार्यक्रम में वित्त एवं विकास निगम से ऋण लेकर समय पर पूर्ण अदायगी करने वाले 38 दिव्यांगजनों को साल, श्रीफल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर प्रतिभागियों के कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। अंत में समाज कल्याण विभाग द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
