लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव के बीच स्पष्ट किया है कि यह युद्ध ब्रिटेन का नहीं है और उनका देश इसमें शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए कूटनीतिक समाधान पर जोर देगा।
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप के बयान से पहले ईरान, इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र में हमले जारी रहने की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री स्टारमर ने बताया कि ब्रिटेन इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के उपायों पर चर्चा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस पहल में 35 देशों ने समुद्री सुरक्षा बहाल करने के लिए संयुक्त रूप से काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।
उन्होंने कहा कि स्थिरता बहाल करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर समन्वित प्रयास जरूरी हैं। सम्मेलन का नेतृत्व विदेश सचिव यवेट कूपर करेंगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सैन्य योजनाकार भी तैयारी में जुटे हैं।
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो को लेकर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका संगठन से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने नाटो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इसे “कागजी शेर” बताया।
मध्य और दक्षिण-पश्चिम ईरान में इस्पात संयंत्रों पर अमेरिका-इज़राइल के हमलों की खबरों के बीच वैश्विक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और कूटनीतिक प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
