कछार (असम), 20 फरवरी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को असम के कछार जिले के नाथनपुर गांव से वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम–II (VVP-II) के दूसरे चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। यह योजना देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, आजीविका और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, VVP-II को केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में लागू किया जाएगा, जिसके लिए वित्त वर्ष 2028-29 तक कुल 6,839 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस चरण में 15 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती गांवों को शामिल किया जाएगा।
समग्र विकास पर फोकस
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का संतृप्ति-आधारित विकास सुनिश्चित करना है। इसके तहत सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा सुविधाएं, पेयजल, दूरसंचार और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। साथ ही स्थानीय निवासियों के लिए स्थायी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विकसित भारत @2047 से जुड़ा विजन
सरकार का कहना है कि VVP-II ‘विकसित भारत @2047’ के दीर्घकालिक लक्ष्य के अनुरूप सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
पहले चरण से आगे का विस्तार
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम का पहला चरण मुख्य रूप से उत्तरी सीमावर्ती गांवों पर केंद्रित था। दूसरे चरण में इसका दायरा बढ़ाकर पूर्वोत्तर सहित अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया है, जहां लंबे समय से विकास और कनेक्टिविटी की चुनौतियां रही हैं।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अहम
सरकार के मुताबिक, मजबूत और आबाद सीमावर्ती गांव राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। स्थानीय नागरिक सीमा पार अपराध, अवैध घुसपैठ और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
योजना को केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं के समन्वय के माध्यम से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार तक विकास का लाभ पहुंच सके।
