बलौदाबाजार विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर 2 फरवरी को बलौदाबाजार जिले के बालसमुंद जलाशय, पलारी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आर्द्रभूमि संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर, बालसमुंद जलाशय क्षेत्र में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिक महत्व के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था। विशेषज्ञों ने बताया कि आर्द्रभूमियाँ पृथ्वी के सबसे समृद्ध पारिस्थितिक तंत्रों में से हैं, जो अनेक लुप्तप्राय, संकटग्रस्त और स्थानिक प्रजातियों का आश्रय स्थल हैं। ये भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण और स्थानीय जलवायु संतुलन में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
पक्षी अवलोकन, जल नमूना संग्रह और अध्ययन
इस आयोजन में लगभग 60 प्रतिभागियों, 5 विशेषज्ञों तथा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से 49 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। बारनवापारा अभ्यारण्य के फॉरेस्ट गाइड्स के सहयोग से 46 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई। विद्यार्थियों ने जलाशय से जल नमूने एकत्र कर जल गुणवत्ता और जलीय जीव-जंतुओं का अध्ययन भी किया।
स्थानीय व प्रवासी पक्षियों का महत्वपूर्ण ठिकाना
विशेषज्ञों ने बताया कि बालसमुंद जलाशय स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में जिले की आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करने के प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में उप-विभागीय अधिकारी (वन) श्री निश्चचल चंद शुक्ला, वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री प्रखर नायक, कार्यक्रम संयोजक प्रो. अजय मिश्रा, नगर पंचायत पलारी के अध्यक्ष गोपी साहू, उपाध्यक्ष पिंटू वर्मा, हितेंद्र ठाकुर, शोधार्थी दीपक तिवारी सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
