पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब भारतीय नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित होने लगा है। इराक के Khor Al-Zubair Port के पास एक बड़े हमले में ईरान से जुड़ी एक कथित “सुसाइड बोट” ने कच्चे तेल के टैंकर Safe Sea Vishnu को निशाना बनाया। इस हमले में जहाज पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि बाकी क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया।
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक यह घटना इराकी जलक्षेत्र के भीतर हुई। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला यह टैंकर कच्चे तेल की खेप लेकर जा रहा था, तभी विस्फोटक से लदी एक नाव टैंकर से टकरा गई और जोरदार धमाका हुआ।
सूत्रों के अनुसार जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के बाद 27 लोगों को बचाकर बसरा ले जाया गया, जबकि एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। जहाज संचालित करने वाली कंपनी के करीबी सूत्रों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और भारत सरकार से हमले की कड़ी निंदा करने के साथ हाई-रिस्क जोन में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ की प्रमुख जानकारी
वेसलफाइंडर के अनुसार Safe Sea Vishnu वर्ष 2007 में निर्मित एक क्रूड ऑयल टैंकर है। यह जहाज लगभग 228.6 मीटर लंबा और 32.57 मीटर चौड़ा है। इसका ग्रॉस टनेज 42,010 और डेडवेट टनेज करीब 73,976 है।
इराक ने की तनाव कम करने की अपील
इस घटना से दो दिन पहले ही इराक के प्रधानमंत्री Mohammed Shia al-Sudani ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से बातचीत में कहा था कि इराक को क्षेत्रीय युद्ध में नहीं घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इराकी एयरस्पेस, क्षेत्र और जलक्षेत्र का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं होना चाहिए।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
उधर ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि युद्ध खत्म करने का एकमात्र रास्ता ईरान के अधिकारों को स्वीकार करना और भविष्य में हमलों को रोकने की ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना है। उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत का जिक्र करते हुए क्षेत्र में शांति बनाए रखने की बात भी कही।
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री क्षेत्र में बढ़ते हमलों से वैश्विक तेल आपूर्ति के साथ-साथ भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि दुनिया भर के समुद्री कर्मचारियों में भारतीयों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है।
